प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना|Prime Minister Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY)in Hindi

कृषि सिंचाई योजना| कृषि सिंचाई योजना प्रधानमंत्री|(पीएमकेएसवाई)|(PMKSY)|Prime Minister Krishi Sinchayee Yojana 

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना(पीएमकेएसवाई) बनाई हैं, जिसका उद्देश्य “हर खेत को पानी” हैं।   जल संसाधनों को अधिकतम उपयोग पर हैं ताकि बाद और सूखे के आवेग से होने वाले नुकसान की रोकथाम की जा सके। ऐसा करने से उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग हो सकेगा और साथ ही किसानों को अधिक पैदावार मिलेगी।प्रधानमंत्री का मानना है कि यदि हमारे देश की कृषि सही होगी तभी हमारा देश तरक्की करेगा |और इसके लिए खेतों में सिंचाई बहुत ही जरूरी है|

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने कृषि सिंचाई योजना का आरंभ किया है |ताकि किसानों को पानी की कमी ना हो |औरअच्छे से अच्छी पैदावार पैदा कर सकें और हमारे देश की उन्नति में भाग ले सकें |क्योंकि कोई भी इंसान बिना अनाज के नहीं रह सकता है |इसीलिए कृषि बहुत ही जरूरी है |कृषि भी अच्छे से होगी यदि सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी |इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने कृषि सिंचाई योजना का आरंभ किया है|

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

50,000 करोड़ रु. के निवेश से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कार्यक्रम में पूरी आपूर्ति श्रंखला अर्थात जल स्त्रोत, वितरण नेटवर्क तथा फार्म स्तर के अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित करके एकीकृत विकास की कल्पना की गई हैं। वर्ष 2015-16 के दौरान लघु सिंचाई के तहत 8.0 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं। दिसंबर 2019 तक 99 मुख्य और माध्यम सिंचाई को मिशन मोड़ में पूरा किये जाने का भी निर्णय लिया गया हैं। इसके अतिरिक्त 76.03 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के तहत लाया जा सकेगा।

सिंचाई में निवेश में एकरूपता लाना, ‘हर खेत हो पानी’ के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करने के लिए, खेतों में ही जल को इस्तेमाल करने की दक्षता को बढ़ाना ताकि पानी के अपव्यय को कम किया जा सके, सही सिंचाई और पानी को बचाने की तकनीक को अपनाना (हर बूंद अधिक फसल) आदि। इसके अलावा इसके जरिए सिंचाई में निवेश को आकर्षित करने का भी प्रयास किया जाएगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में रूपये 12517 करोड़ की लागत से 23 बड़े और माध्यम सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। लगभग रु. 20,000 करोड़ की शरुआती रकम के साथ नाबार्ड में एक समर्पित लम्बी अवधि सिंचाई कोष का सर्जन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई फायदा

  • ऐसे प्रोजेक्टों को प्राथमिकता दी जा रही हैं, जो पुरे होने के कगार पर हैं ताकि किसानों को तुरंत फायदा मिल सके।
  • किसान बेहतर सिंचाई जल योजना अपना सकते हैं।
  • किसान ड्रिप/स्प्रिकलर सिंचाई योजनाओ को अपना सकते हैं।
  • इन तकनीकों की जानकारी किसान को अपने जिले के कृषि/बागवानी अधिकारी से मिल सकती हैं।
  • किसान टोल फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 से भी जानकारी ले सकते हैं।
  • कृषि समन्वय एवं किसान कल्याण विभाग को वर्ष 2016-17 में सूक्ष्म सिंचाई के लिए रु. 2340 करोड़ का आवंटन किया गया हैं, जो  वर्ष 2015-16 के रु. 1550 करोड़ का बजट से 51% अधिक हैं।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना धनराशि

योजना के उद्देश्यों की उपलब्धि के लिये मुख्यतः तीन मंत्रालयों नामतः जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय के सहभागिता द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

ग्रामीण विकास मंत्रालय मुख्य रूप से मृदा एवं जल संरक्षण हेतु छोटे तालाब, जल संचयन संरचना के साथ-साथ छोटे बाँधों तथा सम्मोच्च मेढ निर्माण आदि कार्यों का क्रियान्वयन राज्य सरकार के माध्यम से समेकित पनधारा प्रबंधन कार्यक्रम के तहत करेगा। जिसके लिये वर्ष 2015-16 में 1500 करोड़ रुपये आवंटित है।

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय संरक्षित जल को खेत तक पहुँचाने के लिये नाली इत्यादि विकास के साथ-साथ त्वरित सिंचाई लाभ सम्बन्धी कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से पूर्ण करेगा। इसके अन्तर्गत निम्न स्तर पर जल निकाय सृजन, नदियों में लिफ्ट सिंचाई योजना, जल वितरण नेटवर्क तथा उपलब्ध जलस्रोतों के मरम्मत, पुनर्भण्डारण तथा सृजन का कार्य मुख्य रूप से किया जाएगा। इन कार्यों के लिये वर्ष 2015-16 के लिये 2000 कररोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।

कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारिता विभाग, वर्षाजल संरक्षण, जल बहाव नियंत्रण कार्य, जल उपलब्धता के अनुसार फसल उत्पादन, कृषि वानिकी, चारागाह विकास के साथ-साथ कृषि जीविकोपार्जन के विभिन्न कार्यक्रमों को भी चलाएगी।

जल प्रयोग क्षमता बढ़ाने के लिये सूक्ष्म सिंचाई योजना (ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेनगन आदि) का उपयोग विभिन्न फसलों की सिंचाई के लिये किया जाएगा। इस सभी कार्यक्रमों को चलाने के लिये वर्ष 2015-16 के लिये 1800 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

योजना के तहत कृषि-जलवायु की दशाओं और पानी की उपलब्धता के आधार पर जिला और राज्य स्तरीय योजनाएं बनायी जाएंगी। देश में कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 65 प्रतिशत में सिंचाई सुविधा नहीं है। इस लिहाज से इस योजना का महत्व और बढ़ जाता है। इस योजना का उद्देश्य देश के हर खेत तक किसी न किसी माध्यम से सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना है ताकि ‘हर बूंद अधिक फसल’ ली जा सके। 

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) 

इस योजना के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 1000 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। इसके तहत हर खेत तक सिंचाई जल पहुंचाने के लिए योजनाएं बनाने व उनके कार्यान्वयन की प्रक्रिया में राज्यों को अधिक स्वायत्ता व धन के इस्तेमाल की लचीली सुविधा दी गयी है। इस योजना में केंद्र 75 प्रतिशत अनुदान देगा और 25 प्रतिशत खर्च राज्यों के जिम्मे होगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र और पर्वतीय राज्यों में केंद्र का अनुदान 90 प्रतिशत तक होगा। 

योजना के तहत कृषि-जलवायु की दशाओं और पानी की उपलब्धता के आधार पर जिला और राज्य स्तरीय योजनाएं बनायी जाएंगी। देश में कुल 14.2 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 65 प्रतिशत में सिंचाई सुविधा नहीं है। इस लिहाज से इस योजना का महत्व और बढ़ जाता है। इस योजना का उद्देश्य देश के हर खेत तक किसी न किसी माध्यम से सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना है ताकि ‘हर बूंद अधिक फसल’ ली जा सके।

राष्ट्रीय स्तर पर पीएमकेएसवाई योजना की निगरानी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सभी संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों के साथ एक अंतर मंत्रालयी राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम के कार्यान्वयन संसाधनों के आवंटन, अंतर मंत्रालयी समन्वय, निगरानी और प्रदर्शन के आकलन के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) गठित की जाएगी। राज्य के स्तर पर योजना का कार्यान्वयन संबंधित राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मंजूरी देने वाली समिति (एसएलएससी) द्वारा किया जाएगा। इस समिति के पास परियोजना को मंजूरी देने और योजना की प्रगति की निगरानी करने का पूरा अधिकार होगा। कार्यक्रम को और बेहतर ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर जिला स्तरीय समिति भी होगी।

दोस्तों प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से संबंधित कुछ भी पूछना चाहते हैं तो मुझे कमेंट करें मैं आपके प्रश्नों का जवाब जरुर दूंगा कृपया मेरे फेसबुक पेज को लाइक और शेयर करना ना भूलें

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16 comments

  • Irrigation water of river is not provided till date. Our online request on Samadhan portal uttarakhand
    CG0000150917 is disposed off but no result till date i.e. no irrigation water reached to our mango tree bag and other kishan fields.

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  • Kamal Singh chauhan

    No body is caring about PMKSY as no body is providing irrigation water of river to our mango tree bag and nearby fields situated at Dadupur Govindpur Bahadrabad District Hardwar of kishans of village Khedli. We lodged many requests at PG portal/Samadhan portal uttarakhand. Pl help if central team can instruct to state team.

    Reply
  • Amit

    Mere gav light lene hai, sichaey kids ley par light cenction nhi mel rha hai, hamara pura pariwar keti par nerbhar hai, abhi kya kiya??????
    JE ke pass gaye vo bole ki cenction nhi melega sichaey ke ley, Abhi Kay Kare keshey kheti Kare?????
    Mera Mob no hai 7039024701 koe hal hai toa bole ……

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  • As Tripathi

    Mughe sir ji new connections Lena ha koi scene hai jisne koi Yojana ho to Bata dijiye

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  • OM RATHORE

    Me mp se hu .mujhe 25 ki dp lagwani he 5 ka conection lena .kya yojna he krapaya bataye

    Reply
    • Arti

      om ji योजना के उद्देश्यों की उपलब्धि के लिये मुख्यतः तीन मंत्रालयों नामतः जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय के सहभागिता द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

      ग्रामीण विकास मंत्रालय मुख्य रूप से मृदा एवं जल संरक्षण हेतु छोटे तालाब, जल संचयन संरचना के साथ-साथ छोटे बाँधों तथा सम्मोच्च मेढ निर्माण आदि कार्यों का क्रियान्वयन राज्य सरकार के माध्यम से समेकित पनधारा प्रबंधन कार्यक्रम के तहत करेगा। जिसके लिये वर्ष 2015-16 में 1500 करोड़ रुपये आवंटित है।

      जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय संरक्षित जल को खेत तक पहुँचाने के लिये नाली इत्यादि विकास के साथ-साथ त्वरित सिंचाई लाभ सम्बन्धी कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से पूर्ण करेगा। इसके अन्तर्गत निम्न स्तर पर जल निकाय सृजन, नदियों में लिफ्ट सिंचाई योजना, जल वितरण नेटवर्क तथा उपलब्ध जलस्रोतों के मरम्मत, पुनर्भण्डारण तथा सृजन का कार्य मुख्य रूप से किया जाएगा। इन कार्यों के लिये वर्ष 2015-16 के लिये 2000 कररोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।

      कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारिता विभाग, वर्षाजल संरक्षण, जल बहाव नियंत्रण कार्य, जल उपलब्धता के अनुसार फसल उत्पादन, कृषि वानिकी, चारागाह विकास के साथ-साथ कृषि जीविकोपार्जन के विभिन्न कार्यक्रमों को भी चलाएगी।

      जल प्रयोग क्षमता बढ़ाने के लिये सूक्ष्म सिंचाई योजना (ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेनगन आदि) का उपयोग विभिन्न फसलों की सिंचाई के लिये किया जाएगा। इस सभी कार्यक्रमों को चलाने के लिये वर्ष 2015-16 के लिये 1800 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।

      Reply
  • आशुतोष

    क्या इस योजना में फ्री बोरिंग और पम्पिंग सेट का भी प्रावधान है?यदि है तो इसकी जानकारी कहाँ से मिलेगी?

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  • Me pmksy ka labh kese le skta hu or muje kha Jana hoga kyoki mere area ka ek bada bossa bina sichai ke hi pada hua h

    Reply
    • Arti

      brajraj ji
      पीएमकेएसवाई का मुख्य उद्देश्य हैं – सिंचाई में निवेश में एकरूपता लाना, ‘हर खेत हो पानी’ के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करने के लिए, खेतों में ही जल को इस्तेमाल करने की दक्षता को बढ़ाना ताकि पानी के अपव्यय को कम किया जा सके, सही सिंचाई और पानी को बचाने की तकनीक को अपनाना (हर बूंद अधिक फसल) आदि। इसके अलावा इसके जरिए सिंचाई में निवेश को आकर्षित करने का भी प्रयास किया जाएगा।

      राष्ट्रीय स्तर पर पीएमकेएसवाई योजना की निगरानी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सभी संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों के साथ एक अंतर मंत्रालयी राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम के कार्यान्वयन संसाधनों के आवंटन, अंतर मंत्रालयी समन्वय, निगरानी और प्रदर्शन के आकलन के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) गठित की जाएगी। राज्य के स्तर पर योजना का कार्यान्वयन संबंधित राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मंजूरी देने वाली समिति (एसएलएससी) द्वारा किया जाएगा। इस समिति के पास परियोजना को मंजूरी देने और योजना की प्रगति की निगरानी करने का पूरा अधिकार होगा। कार्यक्रम को और बेहतर ढंग से लागू करने के लिए जिला स्तर पर जिला स्तरीय समिति भी होगी।

      Reply
  • Jagjeet

    Hame ek uhthau payjal yojana ki jrurt hai to kiske liye hm kese apply kre or hame govt se kya help mil skti hai

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  • Randhir

    Dear Sir/madam,

    how can i apply for borewell in jammu under the scheme and what will be subsidy for the same.

    Regards
    Randhir, jammu

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  • Indar Singh Chauhan

    Mije Kapil Dhara yojna me kya khudvana he kirpiya mine bataye me kise yojna ka Labh lu

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  • Prabhat singh

    sir/mam
    mai vill devipura jaspur udham singh nagar (uttrakhand) se hoon mujhe apne yahan sumersibel karwana h scheme me kya mujhe iska labh milega

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