सेवा भोज योजना|seva bhoj yojana in hindi

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इस योजना के तहत धार्मिक संस्‍थानों द्वारा निशुल्‍क दिये जाने वाले भोजन/प्रसाद/लंगर/भंडारा की सामग्री पर सीजीएसटी और आईजीएसटी का केन्‍द्रीय हिस्‍सा लौटाया जाएगा

दोस्तों हम आपको अपनी वेबसाइट पर सभी सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी देने की कोशिश करते हैं ताकि आप सरकार की तरफ से चल रही सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें |

आज हम कोशिश करेंगे कि आपको बताएंगे सेवा भोज योजना  के बारे में जिसके अंतर्गत सरकार द्वारा भोजन/प्रसाद/लंगर(सामुदायिक रसोई)/भंडारे के लिए घी/तेल/आटा/मैदा/रवा, चावल, दाल, चीनी, बुरा/गुड जैसी कच्‍ची सामग्री की खरीदारी पर केन्‍द्रीय वस्‍तु और सेवाकर (सीजीएसटी) और एकीकृत वस्‍तु और सेवाकर (आईजीएसटी)  का केन्‍द्र सरकार का हिस्‍सा लौटा दिया जाएगा, ताकि लोगों/श्रद्धालुओं को बगैर किसी भेदभाव के निशुल्‍क भोजन/प्रसाद/लंगर(सामुदायिक रसोई)/भंडारा प्रदान करने वाले परोपकारी धार्मिक संस्‍थानों का वित्‍तीय बोझ कम किया जा सके।

Sewa Bhoj Yojana

संस्‍कृति मंत्रालय वित्‍त आयोग की अवधि के साथ समाप्‍त होने वाली समयावधि के लिए पात्र परोपकारी धर्मार्थ संस्‍थान का पंजीकरण करेगा। इसके बाद संस्‍थान के कार्यों का आकलन करने के पश्‍चात मंत्रालय पंजीकरण का नवीनीकरण कर सकता है।

जन साधारण, जीएसटी प्राधिकारियों और संस्‍था/संस्‍थान के लिए पंजीकृत संस्‍थान का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्‍ध होगा। संस्‍था/संस्‍थान को जीएसटी और आईजीएसटी का केन्‍द्र सरकार के हिस्‍से को वापस पाने के लिए राज्‍य स्‍तर पर जीएसटी विभाग के निर्धारित अधिकारी को पंजीकरण की मान्‍यता के दौरान निर्दिष्‍ट प्रारूप में भेजना होगा। सहयोग ज्ञापन, कर्मचारियों या निशुल्‍क भोजन सेवा के स्‍थान को बढ़ाने/कम करने के किसी भी प्रकार के बदलाव के बारे में मंत्रालय को जानकारी देने की जिम्‍मेदारी संस्‍थान/संस्‍था की होगी।

सेवा भोज योजना के लिए योग्यता 

वित्‍तीय सहायता/अनुदान के लिए आवेदन करने से पहले कम से कम पांच वर्षों तक कार्यरत मंदिर, गुरूद्वारा, मस्जिद, गिरिजाघर, धार्मिक आश्रम, दरगाह, मठ जैसे परोपकारी धार्मिक संस्‍थानों और एक महीने में कम से कम 5,000 लोगों को निशुल्‍क भोजन प्रदान करने तथा आयकर की धारा 10 (23बीबीए) के तहत आने वाले संस्‍थान या सोसायटी पंजीकरण अधिनियम (1860 की XXI) के अंतर्गत सोसायटी के रूप में पंजीकृत संस्‍थान अथवा किसी भी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक धार्मिक संस्‍था के बनने के समय लागू कानून के तहत जन न्‍यास के तौर पर या आयकर अधिनियम की धारा 12 एए के तहत पंजीकृत संस्‍थान इस योजना के तहत अनुदान पाने के पात्र होंगे।

CGST & IGST राशि उपभोक्ता को वापस

सभी पात्र संस्‍थानों का दर्पण पोर्टल में पंजीकरण आवश्‍यक है। मंत्रालय को प्राप्‍त हुए सभी आवेदनों की जांच चार सप्‍ताह के भीतर इस उद्देश्‍य से गठित समिति द्वारा की जाएगी।

समिति की सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय में सक्षम प्राधिकारी ऊपर बताई गई विशेष सामग्रियों पर सीजीएसटी और आईजीएसटी का केन्‍द्र सरकार का हिस्‍सा वापस लौटाने के लिए परोपकारी धार्मिक संस्‍थानों का पंजीकरण करेगा।

दोस्तों यदि आपको सेवा भोज योजना से संबंधित कोई भी परेशानी आ रही है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें हम आपके सभी प्रश्नों का जवाब देंगे कृपया हमारे Facebook पेज को लाइक और शेयर करना ना भूलें!!!!!!!!!

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